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कोई अपना

Painting by sonal mishra.

सारी दुनिया पराई सी लगती है, क्या करू ये बेवफाई सी लगती है, रुक रुक के सोचूँ जरा, तो लगता है सब यहां एक अनजानी सी लगती है.

हस पाती मैं अगर तो एक जूनून सा होता, सीने मे एक उत्साह सा होता, क्या करूँ मन तो है पर उसने काश मुझे ना रोका होता.

इस अनजान सी नगरी मे क्या है कोई मेरा अपना, सोचती हु हर वक़्त इसको मैं पर अब तक ना सुध मिली है मुझे, क्या करू दिखता तो है पर अनदेखा सा लगता है.

हर एक के दिल मे जगाना प्यार बड़ा मुश्किल सा है ना, एक मक़सद अधूरा सा लगता है, क्या करू आये थे तन्हा और जा भी रहे है तन्हा, ये तो बस एक उदासी सी लगती है.

Stay safe and sound……

Instagram :@sonaltheartist

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29 thoughts on “कोई अपना

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